बेटे या बेटियां ---------------------------------------------------------- और उग आती हैं बेटियां और लहलहाती हैं बेटियां रुलाते हैं बेटे और रोती हैं बेटियां कई तरह गिरते और गिराते हैं बेटे
जीवन तो बेटों का है और मारी जाती हैं बेटियां ---------------------------------------------------------- - by: Savita (Bubhkahera Village, near Tapukara, Rajasthan) ---------------------------------------------------------- |
